खुदा सलामत रखे सब बन्दों को
ए परवर दिगार हमें दो इतना ताकत
सबके नन्हे-मुन्हें जियें सालों-साल
न हो पेशावर जैसी कोई नापाक हरकत
उन नामुरादों को तुम ही दो सजा
सब्र की सीमा अब हो गयी है पार।
ए परवर दिगार हमें दो इतना ताकत
सबके नन्हे-मुन्हें जियें सालों-साल
न हो पेशावर जैसी कोई नापाक हरकत
उन नामुरादों को तुम ही दो सजा
सब्र की सीमा अब हो गयी है पार।
No comments:
Post a Comment